अपशकुन की पड़ताल
शारदा की मौत का मातम पूरे परिवार के साथ उसके मायके में भी फैला था कई दिनों तक किसी का मन अब इस घर में नहीं लग रहा था और दोनों लड़कियों को भी अब वो चुड़ैल रोज़ रात को घर के किसी भी कोने में दिख जाती थी इसलिए उनके पिताजी ने अपने दोस्त सुखवीर को बुलाकर सारी बात बताईसुखवीर ने पूरा घर पहले बाहर से देखा फिर अंदर जाकर एक-एक कोने की जाँच की फिर जिसपर उसको सबसे ज्यादा शक़ था वो वहाँ उस बीच वाले कमरे के उस उठे हुए हिस्से के पास कमरा बंद करके अकेला खड़ा हो गया
कुछ ही देर में कोई शक्ति उसका गला दबाने लगी और उसका दम घुटने लगा इसलिए सुखवीर ने जल्दी से उस कमरे का दरवाजा खोल दिया कमरे से बाहर निकल गया।
रोकथाम और चेतावनी

सुखवीर ने घरवालों को अपने सामने बैठाकर बताया कि ‘आप लोगों का घर एक बहुत पुराने कब्रिस्तान के ऊपर बना हुआ है, एक कब्र ठीक बीच वाले कमरे में है जिससे फर्श का वो हिस्सा आपके घर बनाने के बाद अजीब तरह से ऊपर उठ गया था लेकिन आप लोग इस बात को नज़रअंदाज़ करते रहे।फिर आपने घर बनाते समय इसको छेड दिया जिससे वो चुड़ैल कब्र से बाहर आकर उत्पात मचाने लगी, पहले वो चुड़ैल कम ताकतवर थी लेकिन अब आपकी बहु शारदा को मारकर वो बहुत शक्तिशाली बन गई है
अब इसका इलाज बहुत कठिन है लेकिन मैं जरूर आपको बचाने की कोशिश करूँगा’ फिर सुखवीर ने कुछ सामग्री लिखवाई और अगली रात को सबको पूजा के लिए तैयार रहने को कहा, अगली रात पूजा ठीक से हो गई सबको लगने लगा कि अब उस चुड़ैल से पीछा छूट जायेगा।
घर के लिए निकलते हुए सुखवीर ने कहा कि ‘अब उस चुड़ैल को मैंने आपके घर से तो बाहर कर दिया है लेकिन उसका स्थाई इलाज मैं कल शाम को आकर करूँगा मैं लौहे की मन्त्र पढ़ी कीलें लेकर आऊँगा और उन्हें आपके घर के चारों ओर गाड़ दूँगा जिससे वो चुड़ैल फिर अंदर नहीं आ सकेगी’ इतना कहकर सुखवीर अपने घर आ गया।सुखवीर के घर की छत पर वो चुड़ैल बैठी थी और सुखवीर को अंदर जाते देख रही थी, कुछ देर में सुखवीर की छोटी बहु की ज़ोर से चीखने की आवाज़ छत से आने लगी जिसे सुनकर सभी लोग छत की तरफ भागे और उन्होंने देखा कि सुखवीर की बहु को कोई शक्ति उसके बाल पकड़ कर पूरी छत पर यहाँ से वहाँ खचेड रही है।
सुखवीर तुरंत हरकत में आ गया उसने मन्त्र पढ़े और अपनी बहु का हाथ पकड़कर उसको रोक दिया फिर अचानक वो चुड़ैल सुखवीर की बहु में आ गई और भारी आवाज़ में बड़बड़ाते हुए बोलने लगी कि ‘तुझे अगर अपने परिवार से प्यार है तो अपने दोस्त को इलाज के लिए मना कर दे नहीं तो तेरी बहु को शारदा जैसी मौत मारूंगी, तू मुझे एक या दो बार तो रोक सकता है लेकिन हर बार नहीं रोक पायेगा क्यूंकि मैं कब्रिस्तान की वो शक्ति हूँ जिसको वश में नहीं किया जा सकता’।
सभी घरवाले चुड़ैल की इस बात से बहुत डर गए और सुखवीर से अपने दोस्त को इलाज के लिए मना करने का दबाव बनाने लगे, सुखवीर ने थोड़ा सोचा और इलाज नहीं करने का वादा करके फिर चुड़ैल से उसकी बहु को छोड़ने का अनुरोध कियाकुछ देर में सब सामान्य हो गया और सुबह होते ही सुखवीर ने अपने दोस्त के घर अपने बड़े बेटे को भेजकर इलाज के लिए मना करा दिया।
इलाज बेअसर
दो दिनों बाद ही उस चुड़ैल ने घर में आकर फिरसे सबको डराना और परेशान करना शुरू कर दिया, सब लोग अब दिन में भी उस बीच वाले कमरे में जाने से डरने लगे, उस कमरे में जाते ही कभी उनको थप्पड़ पड़ते कभी कोई धक्का देता तो कभी उनका गला पकड़ लिया जातापूरा परिवार किसी दमदार तांत्रिक या ओझा को ढूंढने में लगा हुआ था जो उनको इस जानलेवा आफत से बचा ले।
रज्जो आई गिरफ्त में
रज्जो को रात में जब भी नींद आने लगती वो चुड़ैल कभी उसके बाल नोचती कभी उसकी छाती पर बैठ जाती तो कभी उसके कान में चिल्लाकर उसको उठा देतीरज्जो रात को क्या दिन में भी सोती तो ऐसा ही होता, एक दिन रज्जो कुछ अजीब सा व्यवहार करने लगी, खाना तो रज्जो सुबह से ही नहीं खा रही थी लेकिन अब वो बिना वजह चिल्लाने भी लगी अजीब सी आवाज़ निकाल कर बार-बार डर रही थी
रज्जो का ऐसा हाल देखकर पिताजी उसके इलाज के लिए आस-पास के गाँव ढूंढ़ते रहे फिर कहीं जाकर एक व्यक्ति मिला मगर उसने घर आने से मना कर दिया और एक भभूत की पुड़िया बनाकर रज्जो को पानी में मिलाकर पिलाने को कहा घर आकर पिताजी ने ऐसा ही किया जिससे रज्जो कुछ देर के लिए सो गई सबको लगा रज्जो अब ठीक हो जाएगी लेकिन रात होते ही जब सब लोग सो गए तब रज्जो एक लाश की तरह चलकर उस बीच वाले कमरे में जाकर सो गई जिसमें कोई दिन में भी नहीं जाता था सुबह कमरा खोलने पर माँ ने देखा कि रज्जो ज़मीन पर उल्टी होकर पड़ी हुई है और उसके मुँह से लार टपक रही है माँ डर गई उसने पप्पू को आवाज़ दी तो पप्पू और टीनू ने आकर उसको उठाया फिर बाहर ले जाकर जब खाट पर लेटाया तो रज्जो उठ गई और पागलों जैसी हरकतें करने लगी, कभी अपने बालों को खिंचती तो कभी उठकर इधर से उधर भागने लगती फिर ज़मीन पर बैठ जाती और ज़ोर से हंसने लगती।
सुबह से शाम हो गई लेकिन रज्जो ठीक नहीं हुई कई दिन और गुजरे लेकिन रज्जो की हालात में सुधार की जगह परेशानी ही बढ़ती गई और अब वो पूरी तरह पागल हो गई।
टीनू की दूसरी शादी
कई महीने बाद टीनू ने एक विधवा महिला से फिरसे शादी कर ली उसकी पत्नी जिसका नाम ‘मान्यता’ था उसको इस घर के हालात पता थे लेकिन वो निडर महिला थी फिर उसने ये शर्त भी रखी की टीनू को उसके साथ इस घर से अलग रहना होगाशादी के बाद पहले ही दिन से उस चुड़ैल ने मान्यता को परेशान करना शुरू कर दिया लेकिन मान्यता बिलकुल नहीं डरी और 4-5 दिनों बाद टीनू के साथ गाँव के पास ही एक मकान में रहने लगी।
फिर वही हुआ

पप्पू शराबी और बेरोज़गार था वह एक लड़की से प्यार करता था जिससे वो एक दिन शादी करके घर ले आया, घरवाले गुस्सा तो हुए लेकिन वो कर भी क्या सकते थे इसलिए उन्होंने अपनी नई बहु पल्ल्वी को बहु के रूप में स्वीकार लिया।पल्लवी रोज़ सुबह उठकर पूरे सिंगार करके घर में काम करते हुए घूमती रहती थी 2 दिनों बाद पल्ल्वी पप्पू से कहने लगी कि ‘मुझे रात को एक अजीब सी औरत हमारे कमरे में घूमती हुई दिखती है जिससे मुझे अब डर लगने लगा है’।
पप्पू ने नशे में उसको सारी बातें बता दी जिससे पल्ल्वी बहुत डर गई और कहा कि हम भी जेठजी की तरह कहीं और रहने चले जाते हैं जिस पर पप्पू गुस्सा होने लगा और बोला कि ‘अगर सब इस घर से चले जाएंगे तो मेरे घरवालों की सेवा कौन करेगा? हमें कहीं नहीं जाना सब ठीक होजाएगा’ लेकिन सच तो यह था कि पप्पू बेरोज़गार था अपना और पत्नी का खर्चा नहीं उठा सकता था, कुछ दिनों बाद पल्ल्वी घर से गायब हो गई पूरे गाँव में ढूंढा लेकिन वो नहीं मिली फिर किसी ने बताया कि एक महिला की लाश गाँव के कुएँ में मिली है उसको एक बार देख लीजियेवो लाश पल्लवी की ही थी।
भागो इस घर से
अंत में सबको वो घर छोड़ना ही पड़ा नये घर में जाकर भी कुछ नहीं बदला कुछ महीनों में माता-पिता गुज़र गए पप्पू बेवड़ा बनकर मर गया और टीनू की पत्नी को कैंसर हो गया दिल्ली उसका इलाज चला लेकिन वो भी नहीं बची।अब बस शामों हिमाचल में अपने पति के साथ रहती है और टीनू अपने एक बेटे के साथ दिल्ली में रहता है पूरे परिवार को वो कब्र वाली चुड़ैल निगल गई
वो घर आज भी वहाँ खंडहर बनकर खड़ा है उसके सामने से कोई गाँववाला नहीं गुज़रता और वो चुड़ैल कभी उस घर की छत पर तो कभी उसके सामने वाले बरगद के पेड़ पर बैठी दिख जाती है और अपना अगला शिकार ढूंढती रहती है।।।