Jinn (मरीद) part-2

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पिता और दादाजी का सीना हुआ चौड़ा

धीर सिंह जब गाँव वापस आए तो उनको विक्रम और अनंत की बहादुरी का पता चला जिससे उनको अपने बच्चों पर बहुत फक्र हुआ खासतौर पर अपने पोते अनंत पर जिसने इतनी ज्यादा सूझभूझ और साहस का परिचय दिया था।

हमज़ा को भोग चढ़ाया


धीर सिंह ने घर में एक छोटी सी पूजा रखी जिसमें सभी परिवार के सदस्यों को बैठाया कुछ रिश्तेदार और पडोसी भी इसमें शामिल हुएमरीद ‘जिन्न’ हमज़ा को एक भेड़, एक देसी शराब की बोतल, कुछ मिठाइयाँ और इत्र (परफ्यूम) की एक शीशी चढ़ाई गई जिसमें लगभग 15-16 हज़ार रुपए लग गए कुछ पैसे तो उस परिवार से आए थे जिसकाविक्रम और अनंत ने इलाज किया था लेकिन ज्यादा पैसे धीर सिंह के परिवार के ही लगे थेधीर सिंह और विक्रम का परिवार तो इससे बहुत खुश था कि हमज़ा ने समय पर आकर उनका साथ दिया था लेकिन बाकी तीनों भाई और उनके परिवार वाले इसको फिज़ूल खर्च समझकर मुँह बनाए हुए थे।

तांत्रिक आया

एक दिन इस गाँव ने रहने के लिए एक पैसे वाला परिवार आ जाता है, इस परिवार का मुखिया एक बड़ा और ख़तरनाक विचार रखने वाला तांत्रिक था, गाँव में आने के बाद जैसे ही वो गाँव के लोगों से मिलने लगा सबने एक ही व्यक्ति और उसके परिवार की बहुत प्रशंसा की जिसका नाम धीर सिंह था लेकिन इस बात से तांत्रिक ‘गुच्छर’ को बहुत इर्षा हुई कि कोई उससे ज्यादा ताकतवर कैसे है?

बैठक या आंकलन


गुच्छर अब धीर सिंह से मिलने या यूँ कहें कि धीर सिंह की थाह (आंकलन) लेने उसके घर आ गया, धीर सिंह ने उसको बैठाया और चाय-पानी से उसका सत्कार किया और उससे उसके परिवार, काम और इस गाँव के अनुभव के बारे में पूछा लेकिन गुच्छर तो अपनी काली शक्तिओं को भेजकर धीर सिंह की ताकत का अनुमान लगा रहा था इसलिए वो इनमें ही खोया हुआ था और ठीक से जवाब नहीं दे रहा थाचाय पीकर गुच्छर अपने घर की तरफ जल्दी-जल्दी पैर उठाकर आ गया।

मौका मिल ही गया

 

कुछ दिन बीते धीर सिंह की सबसे छोटी बहु ने एक बिटिया को जन्म दिया जिससे घर में 40 दिनों का पूजा और कई बातों का परहेज़हो गया इससे परिवार की मददगार सभी शक्तियाँ घर से बाहर हो गई क्यूंकि ऐसे समय ये शक्तियाँ घर में नहीं घुस सकती और इनकी शक्ति काफी हद तक कम हो जाती है इसलिए अब यह घर असुरक्षित हो गया जिसका पता गुच्छर को चला और वो इसी दिन का इंतजार कर रहा थाअब गुच्छर ने एक पिशाच और एक चुड़ैल की जोड़ी बना कर घर में भेज दिया और उनसे उस पैदा हुई बच्ची को मारकर उसका खून पीकर अपनी ताकत बढ़ाने को कहा

 

पिशाच और चुड़ैल की खूनी प्यास

 

गुच्छर के द्वारा भेजी गई जोड़ी आधी रात को घर में घुस गई और पैदा हुई छोटी बच्ची बुरी तरह दहाड़ कर रोने लगी इसपर सबसे छोटे बेटे ने अपने पिताजी धीर सिंह को उठाया तो उन्होंने बच्ची का उतारा कर दिया वैसे कोई शक्ति उस समय धीर सिंह के पास नहीं थी लेकिन धीर सिंह निहात्ता भी बड़ा खिलाडी था, मंत्रों के द्वारा धीर सिंह ने बच्ची का उतारा करके एक अंडा और एक मिठाई का टुकड़ा चौराहे पर रखवा दिया जिससे बच्ची तुरन्त ठीक हो गई और सब लोग फिरसे सोने चले गए।

हुआ वही जो नहीं होना था

1 घंटे बाद ही बच्ची की हालात फिरसे बहुत ज्यादा बिगड़ गई, अब बच्ची को दौरे पड़ने लगे और इतने में परिवार या धीर सिंह कुछ कर पाते बच्ची ने खून की उल्टी करके धीर सिंह की गोद में दम तोड़ दियापूरे परिवार में मातम छा गया, सबसे छोटा बेटा दहाड़े मारकर रोने लगा और अपने पिता धीर सिंह को इस मौत जिम्मेदार मानने लगा वो बोला कि ‘पिताजी इतने बड़े साधक होने का क्या फायदा जब आप अपने परिवार के सदस्य को ही न बचा सके, आपकी भक्ति में अब कोई जान नहीं है, यह दुकान चलानी बंद करदो, आपसे और आपकी इन शक्तियों से मैं आज से नाता तोड़ता हूँ’

बिखरा परिवार

10 दिनों के अंदर सबसे छोटे भाई के साथ और दो भाई भी अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर अलग हो गए क्यूंकि वो भी अलग होने का बस कोई बहाना ही ढूंढ रहे थे, बस बड़े बेटे विक्रम का परिवार ही धीर सिंह के साथ रह गया बाकी सभी भाई उसी गाँव में अलग-अलग रहने लगे।

 

गाँव में फैली खबर

कुटुंब में फूट पड़ने की बात गाँव में फैला गई और जब गुच्छर को यह पता चला तो वो मानो मन ही मन झूम उठाऔर उसका इस गाँव पर राज करने का सपना अब सच होता दिखने लगा।

खुला मौत का राज

उधर कुछ दिनों बाद विक्रम और धीर सिंह ने अपनी सभी शक्तियों से बच्ची की मौत का कारण पूछा और चौराहे पर उतारा करने के बाद भी दोबारा उस काली शक्ति ने कैसे बच्ची पर फिरसे जानलेवा हमला किया यह भी पता लगा लिया, सच बहुत अजीब थाचुड़ैल और पिशाच की जोड़ी इसलिए भेजी गई थी क्यूंकि चुड़ैल का काम घर के अंदर जाकर बच्ची को मरना था और पिशाच का काम घर के बाहर खड़े रहना था जिससे अगर चुड़ैल बच्ची को मारने से पहले पकड़ी जाती है और उसको उठा कर कोई उसको चौरहे पर छोड़ आता है तो पिशाच का काम चुड़ैल को चौराहे से उठाकर फिरसे धीर सिंह के घर में छोड़ना था और पिशाच ने उस रात वैसा ही किया इसलिए उस बच्ची की जान चली गई।

 

आगे की कहानी ‘जिन्न (मरीद) भाग-3’ में पढ़िए

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