पुराने बरगद वाली ‘चुड़ैल’
वो ‘बरगद’ पर रहती है यह कहानी हिमाचल प्रदेश के एक छोटे और एकांत गाँव की है, जहाँ सूरज ढलने के बाद सन्नाटा इतना गहरा हो जाता था कि अपनी ही साँसों की आवाज़ सुनाई देती थी। गाँव के लोग मानते थे कि जंगल के किनारे एक पुराने बरगद का पेड़ है, जिस पर … Read more